अचानक तेज धमाके साथ निकल पड़ीं सबकी चीखें: बिखरी पड़ी चप्पलें, बिस्किट्स व पूड़ियां सुना रही थीं मजदूरों की मौत की कहानी

बिस्किट के पैकेट, पॉलीथिन में पूड़ियां, बिखरी हुई चप्पलें। यह सब बताने के लिए काफी थी कि वो मजदूर कैसी-कैसी मुसीबत में कितनी लंबी यात्रा पर थे। पर क्या पता था कि यह यात्रा उनकी अंतिम होगी। एक रोडवेज बस आई और पलभर में छह मजदूरों को मौत की नींद सुला गई। 4 मजदूर अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। मुजफ्फरनगर में देर रात स्टेट हाइवे पर हुआ हादसा बेहद दर्दनाक था। बिहार में गोपालगंज जिले के निवासी कई मजदूर पंजाब में मजदूरी करते हैं। लॉकडाउन में वहीं फंसे रह गए। वक्त ज्यादा बीता तो पैदल ही सफर करना तय किया औरआखिर अपनी मंजिल पर निकल पड़े। लेकिन उन्हें क्या पता था कि रास्ते में मौत उनपर कहर बनकर टूटेगी और उनका सबकुछ खत्म हो जाएगा।

हादसे में घायल हुए मजूदरों ने आपबीती सुनाते हुए बताया- जब पहला लॉकडाउन लगा तो फैक्ट्री मालिक ने हमें कुछ पैसे दिए और खाने पीने का इंतजाम भी किया लेकिन जैसे जैसे लॉकडाउन बढ़ा उसकी हिम्मत जवाब देने लगी। उसने हमें तनख्वाह और खाना देने से मना कर दिया और घर जाने का फरमान सूना दिया।हम भी मजबूर थे जब तक पैसे थे तब तक काम चलाया जब पैसे ख़त्म होने को आये तो हम अपने घरों की ओर निकल लिए...अब देखो कब पहुंचेंगे।

कपड़ा, खाने का पैकेट, अचार का डब्बा और आधार कार्ड सड़क किनारे बिखरा पड़ा था
वह भूखे थे, सैकड़ो किमी पैदल चलकर आ रहे थे. रात तकरीबन 12 से डेढ़ बजे के बीच सहारनपुर से मुजफ्फरनगर की ओर बढ़ रहे थे। सामने ही लगभग 1 किमी की दूरी पर टोल प्लाजा दिखाई पड़ रहा था।लेकिन तभी सहारनपुर की ओर से आ रही खाली रोडवेज सड़क पर मदमस्त होकर चली आ रही थी और किनारे चल रहे मजबूर मजदूरों को रौंदते हुए निकल गयी। चीख पुकार मच गयी।मौके पर पहुंची पुलिस के मुताबिक 2 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया जबकि 4 लोग अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिए जबकि4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

हादसे के बाद सड़क किनारे कुछ कपड़े, चप्पल, कम्बल, खाने का एक दो पैकेट, अचार का डब्बा और पहचान के लिए फोटोस्टेट आधार कार्ड पड़ा हुआ दिखाई दिया।यह सामान उन मजदूरों की हालत बयान करने के लिए काफी है।मृतकों में बाप बेटे भी हैं। जिनमे पिता का नाम हरेश है तो पुत्र का नाम विकास है।दोनों ही पंजाब में नौकरी करते थे।

एक दम से भड़ाक की आवाज आई
जिस रोडवेज बस से एक्सीडेंट हुआ उस रोडवेज बस में सहारनपुर से अनिल भी बैठकर यात्रा कर रहे थे. बकौल अनिल, गाडी खाली थी तो मैं सो गया था। अच्छी खासी नींद में था तभी भड़ाक से आवाज आई तो मैंने चिल्लाकर पूछा क्या हुआ तो ड्राइवर ने बोला गाय से लड़ गयी है। हादसे वाली जगह से दूर जाकर उसने रोका तो पता भी नहीं चला कि क्या हुआ है। अब मीडिया से यह बात पता चली है कि हादसा हो गया है।

वहीं टोल पर बैठे सुरक्षाकर्मियों ने बताया कि मजदूर पैदल आ रहे थे। रोडवेज की लापरवाही के चलते हादसा हुआ है। हमे तो पता भी अभी चला है।लिस के मुताबिक मरने वालों में 25 से 30 साक के तीन युवक भी शामिल थे.



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यह तस्वीर हादसे के बाद की तस्वीर है। अपने घरों के लिए निकले मजदूरों को क्या पता था कि रास्ते में ही उनको इस दर्दनाक हादसे का सामना करना पड़ेगा। हादसे में बचे चार लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।


source https://www.bhaskar.com/local/uttar-pradesh/news/suddenly-everyone-shouted-out-with-a-loud-bang-scattered-slippers-biscuits-and-pudis-were-telling-the-story-of-the-death-of-the-workers-127300324.html

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